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मृत्यु से पहले

यह चिंतनशील कविता बताती है कि असली मृत्यु शरीर के रुकने से नहीं, बल्कि सोच और सच बोलने के रुक जाने से शुरू होती है। यह हमें जीते-जी जीवित रहने की चेतावनी देती है।

दिव्य योजना

यह कविता जीवन की घटनाओं को ईश्वर की दिव्य योजना का हिस्सा मानने का संदेश देती है। यह सिखाती है कि हर मोड़, हर देरी और हर बदलाव के पीछे एक गहरा उद्देश्य छिपा होता है।

करोड़ों खामियाँ

यह भावपूर्ण कविता खामियों और प्रयासों के बीच का अंतर दिखाती है। यह बताती है कि जो व्यक्ति कोशिश करता है, उसमें गलतियाँ भी होती हैं, और वही गलतियाँ उसके अनुभव और सफर की पहचान बनती हैं।

रास्ता रोकने वाले

यह कविता उन लोगों पर तीखा प्रहार करती है जो खुद आगे नहीं बढ़ते, पर दूसरों का रास्ता रोकते हैं। यह सिखाती है कि रुकना नहीं, बल्कि दिशा बदलकर आगे बढ़ना ही असली जीत है।

वही प्रेम है

यह कविता सच्चे प्रेम की परिभाषा को कोमल और गहराई से व्यक्त करती है। यह बताती है कि प्रेम वह है जो तोड़ता नहीं, बल्कि सींचता है; जो बदलता नहीं, बल्कि खिलने की जगह देता है।

अहंकार का मकान

यह सामाजिक कविता बड़े मकानों और छोटे दिलों की विडंबना पर प्रहार करती है। यह बताती है कि घर दीवारों की ऊँचाई से नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और रिश्तों की गहराई से बनता है।

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