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हम बार-बार वही गलतियाँ क्यों दोहराते हैं? इसके पीछे छिपा दिमाग का खेल

कई बार हम जानते हैं कि हम गलती कर रहे हैं, फिर भी वही गलतियाँ बार-बार दोहराते हैं। आखिर दिमाग हमें क्यों नहीं रोक पाता? इसके पीछे छिपा मनोवैज्ञानिक कारण समझना बेहद जरूरी है।

साहस

करके दुगुना हौंसला,मंज़िल को ही साध,वापस आधे सफ़र से,होना है अपराध !!सिर्फ एक कदम औरगाँव का एक छोटा-सा लड़का नामक वीर, बहुत ही सामान्य...

अपनों को गिराने में

अगर अपनों को गिराने मेंआपको जीत मिलती है,तो समझ जाओ,आप बहुत गिरे हुए इंसान हो।संघर्ष से सफलता की ओर - एक किसान की कहानीगाँव...

मर्द की मोहब्बत

मर्द की मोहब्बत हद से ज्यादा बढ़ जाए तो, औरत… बेवफा निकल जाती है।तेनालीराम का चतुराई और महाराज की सीखएक समय की बात...

अपने राज

अपने राज अपने तक ही रखा करो, क्योकि दोस्तों के भी दोस्त, हुआ करते हैं…कामचोर आदमी को सबक : कहानीएक समय की बात...

तेरी आँखे

हम खुदखुशी के इरादे से, तेरे सामने आये हैं, सुना है तेरी आँखे, गजब की कातिल है।भगवान श्री गणेश को तुलसी क्यों नहीं...

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