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कभी अकेला चलना पड़े

कभी अकेला चलना पड़े तो
डरिये मत, क्योकि –
श्मशान, शिखर और सिंघासन पर
इंसान अकेला ही होता है…

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फ्रेश चुटकुले

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मेरा समय

मेरा समय अभी नहीं आया है, कुछ लोग, मरने के बाद पैदा होते है…बुद्धिमान राजा - हिंदी कहानीसालों पहले एक नगर में एक बुद्धिमान राजा राज्य करता था। उनकी बुद्धि और होशियारी की चर्चा दूर-दूर तक थी। राजा कभी भी बिना सोचे-समझे कुछ नहीं कहता और न ही किसी आरोपी की बात सुने बिना...

जो कहे, मेरा दुःख

जो कहे, मेरा दुःख तुम्हारे दुःख से बड़ा है, उससे कभी प्रेम मत करो, उस पर, तरस खाओ…मूर्ख राजा और चतुर मंत्री - हिंदी कहानीकई सालों पहले नदी के किनारे पर एक दियत्स नामक नगरी हुआ करती थी। इस नगरी में शासन करने वाला राजा बहुत ही मुर्ख था। वहीं, राजा का मंत्री बहुत...

दिल नाउम्मीद तो नहीं

दिल नाउम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है, लम्बी है, गम की शाम, मगर, शाम ही तो है...उत्तराधिकारी कौन - हिंदी कहानीएक बार की बात है। तुगलकनगर राज्य में प्रताप सिंह नाम का एक राजा हुआ करता था। वह बहुत ईमानदार और साहसी था। उसे अपनी प्रजा से बहुत प्यार था। उसके राज्य में...