संबंधित पोस्ट

सबसे लोकप्रिय

अपने आप से मत हारना

अपने आप से मत हारना

हमने सब कुछ
दुआ पे छोड़ दिया,
तुम से मिलना
खुदा पर छोड़ दिया।

रास्तों की उलझन,
वक़्त की ठोकरें,
सब किस्मत के नाम कर दीं,
पर एक बात
अपने हाथ रखी —

तुम बस
अपने आप से
मत हारना।

दुनिया की आवाज़ें
शोर बन सकती हैं,
लोग शक में बदल सकते हैं,
हालात दीवार बन सकते हैं,
पर इंसान तब तक
नहीं हारता,
जब तक वो
खुद से नहीं हारता।

तुम गिरना,
पर टूटना मत।
तुम रुकना,
पर झुकना मत।

क्योंकि जिस दिन
तुमने अपने भीतर
यकीन बचा लिया,
उस दिन
हमें कोई
हरा नहीं सकता।

दुआ भी
ताकत बन जाती है
जब इरादा
जिंदा रहता है।

हमने सब कुछ
खुदा पर छोड़ा है,
पर तुम्हारा हौसला
तुम्हारे हाथ में है।

बस तुम
अपने आप से
मत हारना…

✍️ कवि — श्रीकांत शर्मा

कविता का भावार्थ

यह कविता आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति का संदेश देती है। कवि बताते हैं कि परिस्थितियाँ, लोग और समय हमारे विरुद्ध हो सकते हैं, लेकिन वास्तविक हार तभी होती है जब मनुष्य अपने भीतर के विश्वास को खो देता है।

दुआ और प्रयास दोनों साथ चलें तो संघर्ष भी शक्ति में बदल जाता है। यह कविता याद दिलाती है कि बाहरी दुनिया की जीत से पहले, अपने भीतर की लड़ाई जीतना आवश्यक है।


पिछला लेख
अगला लेख

फ्रेश चुटकुले

चुटकुले

आपके लिए खास

जब मैं चलूँ

यह कविता आत्ममूल्य और दृष्टिकोण के अंतर को दर्शाती है। जब इंसान खुद को कम आंकता है तो दुनिया भी वैसी ही लगती है, लेकिन खुद को समझते ही नजरिया बदल जाता है।

करोड़ों खामियाँ

यह भावपूर्ण कविता खामियों और प्रयासों के बीच का अंतर दिखाती है। यह बताती है कि जो व्यक्ति कोशिश करता है, उसमें गलतियाँ भी होती हैं, और वही गलतियाँ उसके अनुभव और सफर की पहचान बनती हैं।

तेरे दुःख, तेरी राह

यह कविता जीवन के दुःखों को स्वीकार करने और उनसे शक्ति लेने की प्रेरणा देती है। हर इंसान को अपने संघर्ष खुद ही जीने होते हैं और वही अनुभव उसे मजबूत बनाते हैं।