संबंधित पोस्ट

सबसे लोकप्रिय

तरक्कियों की दौड़

तरक्कियों की दौड़ मे
उसी का जोर चल गया,
बना के रास्ता जो,
भीड़ से निकल गया…

दो बीवियां – हिंदी कहानी

मुल्ला नसरुद्दीन बहुत ही हाजिर जवाब और चतुर व्यक्ति थे, लेकिन बेचारे अपनी बीवियों से बड़े परेशान रहते थे। मुल्ला नसरुद्दीन की दो बीवी थीं। दोनों अक्सर मुल्ला नसरुद्दीन से पूछती थी कि तुम दोनों में से किसे ज्यादा प्यार करते हो। मुल्ला जी बेचारे कुछ नहीं बोल पाते थे।

एक दिन मुल्ला जी को तरकीब सूझी। उन्होंने अपनी दोनों बीवियों को एक-एक नीला मोती दिया और कहा कि किसी को मत बताना कि ये मोती मैंने तुम्हें दिया है। मुल्ला नसरुद्दीन की दोनों बीवियां मोती देखकर खुश हो गईं।

अब जब भी मुल्ला नसरुद्दीन की बीवी पूछती कि आप किसे ज्यादा प्यार करते हो, तो मुल्ला जी कहते, मैं तो उसे ज्यादा प्यार करता हूं, जिसके पास नीला मोती है। दोनों बीवियां मन ही मन खुश हो जातीं और मुल्ला जी भी अपनी चतुराई पर खूब इठलाते थे।

कहानी से सीख – चतुराई और समझदारी से टेढ़ी से टेढ़ी समस्या का हल भी आसानी से निकाला जा सकता है।

फ्रेश चुटकुले

चुटकुले

आपके लिए खास

आग

आग अपने ही लगते हैजिंदगी को भी,और लाश को भी...राजा और चोर - हिंदी कहानीधौलपुर गांव में एक चालाक चोर रहता था। वह इतनी सफाई से चोरी करता था कि किसी की पकड़ में नहीं आता था। लोगों का मानना था कि वो किसी की आंख से काजल चोरी कर लेगा, तो भी किसी...

क्यों डरें क्या होगा

क्यों डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ ना होगा तो तज़रूबा होगा, हंसती आंखों में झांक कर देखो कोई आंसू कहीं छुपा होगा,इन दिनों ना-उम्मीद सा हूँ मैं शायद उसने भी ये सुना होगा, देखकर तुमको सोचता हूँ मैं क्या किसी ने तुम्हें छुआ होगा…मेंढक और चूहा - हिंदी कहानीबहुत समय पहले...

गहरी नींद

रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं, उसके लिए दिन भर, ईमानदारी से जीना पड़ता है...बेशकीमती फूलदान - हिंदी कहानीकई साल पहले की बात है। विजयनगर नाम का एक राज्य था, जहां के राजा कृष्णदेव राय थे। कृष्णदेव राय हर साल विजयनगर का वार्षिक उत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाते थे। पड़ोसी राज्यों...