संबंधित पोस्ट

सबसे लोकप्रिय

नसीब

इतना भी नसीब
खराब नहीं होना चाहिए की,
जिंदगी, दोस्त, मोहब्बत,
तीनो ही बेवफा निकले..!


तेनालीराम और बूढ़ा ज़मींदार

किसी गांव में एक बड़ा ज़मींदार रहता था, जिसका नाम था राजा बालाधित्य. वह बहुत ही अमीर और शक्तिशाली था, लेकिन उसकी बुरी आदतें उसे अपने लोकप्रियता से दूर कर रही थीं। वह लोगों के साथ न्याय और इंसाफ नहीं करता था, बल्कि उसकी नाकामयाबियों के लिए वह तेनालीराम को दोषी ठहराता था।

एक दिन, राजा ने एक विशाल मेले का आयोजन किया और सभी गांववालों को निमंत्रण भेजा। मेले में बहुत सारे खेल, नाच-गाने, और विभिन्न प्रतियोगिताएं होने थीं।

तेनालीराम भी मेले में गए। उन्हें पता चला कि ज़मींदार ने भी अपनी बहुत सारी संपत्ति को मेले में लाई है। वहाँ पर, एक बूढ़ा आदमी उसकी संपत्ति की व्याख्या कर रहा था। तेनालीराम ने देखा कि उस बूढ़े को ज़मींदार की संपत्ति के बारे में कितना ज्ञान है, और उसने इसे बड़े अद्भुत ढंग से बताया।

तेनालीराम ने अपनी चालाकी काम में ली और बूढ़े के पास गये। उन्होंने पूछा, “आप बहुत बुद्धिमान हैं और आपको इतनी विद्वत्ता कहाँ से मिली?”

बूढ़ा आदमी मुस्कुराया और कहा, “मुझे ज़मींदार के बारे में हर चीज़ का पता है क्योंकि मैं उसके पुराने परिचित हूँ। मेरा नाम भी तेनालीराम है, और वह ज़मींदार मेरा पुराना दोस्त है।”

तेनालीराम की चालाकी का पर्दाफाश हो गया। बूढ़े ने ज़मींदार को बेवक़ूफ़ बना दिया था, लेकिन तेनालीराम के इस काम से ज़मींदार को उसकी गलतियों का आयाम हो गया। उसने अपनी बुरी आदतें सुधारने का निर्णय लिया और गांव के लोगों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करने का वचन दिया। तेनालीराम की चतुराई ने गांव को सुख-समृद्धि की राह पर ले जाया।

फ्रेश चुटकुले

चुटकुले

आपके लिए खास

जिंदगी गुजार दी

जाने कैसेजिंदगी गुजार दी मैंने,जिन्दा होता तो,कब का मर गया होता।प्रेम और समर्पण : कहानीएक समय की बात है, गांव के एक छोटे से सेर के पास एक युवक नामक अर्जुन रहता था। वह गरीब था, लेकिन उसमें विशेष प्रकार का समर्पण और उत्साह था। अर्जुन का सपना था कि वह अपने परिवार के...

मेरा समय

मेरा समय अभी नहीं आया है, कुछ लोग, मरने के बाद पैदा होते है…बुद्धिमान राजा - हिंदी कहानीसालों पहले एक नगर में एक बुद्धिमान राजा राज्य करता था। उनकी बुद्धि और होशियारी की चर्चा दूर-दूर तक थी। राजा कभी भी बिना सोचे-समझे कुछ नहीं कहता और न ही किसी आरोपी की बात सुने बिना...

औरो सा

हज़ारो कमियां है मुझमें,औरो सा मैं झूठा तो नहीं।जादुई पेड़ की खोजकई साल पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक बच्चे का नाम राजू था। राजू गाँव के सबसे साहसी और उत्साही बच्चा था। वह अपने दोस्तों के साथ रोज़ गाँव के जंगलों में खेलता और खूबसुरत प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद...