चुभ जाती हैं
चुभ जाती हैं बातें कभी तो कभी लहजे मार जाते हैं, यह जिंदगी है जनाब यहां हम गैरों से ज्यादा, अपनो से हार जाते...
इतना ही सामान
थोड़ी मस्ती, थोड़ा सा ईमान, बचा पाया हूँ ये क्या कम है, मैं अपनी पहचान बचा पाया हूँ, कुछ उम्मीदें, कुछ सपने, कुछ महकती...
आपसी झगड़े
आपसी झगड़े से पड़ती दरारों में इतनी भी दुरी नहीं होनी चाहिए, की किसी तीसरे को, आने की जगह मिल जाये…तेनालीराम और मटका...
खामोशियां
खामोशियां बेवजह नहीं होती कुछ दर्द, आवाज छीन लिया करते हैं…तेनालीराम और नीलकेतु - हिंदी कहानीएक बार राजा कृष्णदेव राय के दरबार में...
प्रार्थनाएं करता हृदय
प्रार्थनाएं करता हृदय और प्रेम से भरा मन ही, मनुष्य में ईश्वर के, अस्तित्व का प्रमाण है…रंग-बिरंगे नाखून - हिंदी कहानीएक बार की...
कई जरिये है
कई जरिये है कुछ कहने के उनमे से एक जरिया है, कुछ ना कहना...तेनाली रामा और अंगूठी चोर - हिंदी कहानीराजा कृष्ण देव...


