संबंधित पोस्ट

सबसे लोकप्रिय

सुकून

सुकून भी अगर ढूढ़ना पड़े तो,
इस से बड़ा कोई दर्द नहीं।


गौरी का जन्म और उसका विवाह

ब्रह्मा, विष्णु, और महेश – तीनों देवों के बीच शक्तिशाली एक यज्ञ का आयोजन हुआ। इस यज्ञ में विश्व के सभी देवताओं को अपने-अपने अंश चाहिए थे। यज्ञ के अगले ही क्षण, वायुदेव के स्थान पर एक ब्राह्मण का शीश आ गया। इसके परिणामस्वरूप, शिव और पार्वती का एक अत्यंत शक्तिशाली पुत्र उत्पन्न हुआ – कार्तिकेय।

कार्तिकेय के जन्म के बाद, पार्वती ने अपनी सुंदरता के बारे में अपने पति, भगवान शिव से पूछा। शिव ने कहा, “तुम्हारी सुंदरता को किस तरह सबसे अधिक प्रकट कर सकता हूँ, वह एक नवविवाहित कन्या से ही हो सकता है।”

पार्वती ने तय किया कि वह एक कन्या के रूप में पुनः जन्म लेंगी। उन्होंने तपस्या और ध्यान में रत रहकर अपने आप को एक बार फिर से जन्म दिया। इस बार, उन्होंने अपने नवजन्मी रूप को “गौरी” नाम दिया।

जब गौरी बड़ी हो गई, वह अपनी सुंदरता के साथ अत्यंत प्रसिद्ध हो गई और विभिन्न देवताओं के प्रेमी उसके पीछे पड़े। लेकिन उनका मन अवश्य भगवान शिव के प्रति था।

एक दिन, गौरी ने अपने प्रेम में भगवान शिव के सामने खुलकर इजहार किया और विवाह के लिए उनसे प्रार्थना की। भगवान शिव ने उसकी प्रार्थना को स्वीकार किया और उनका विवाह सम्पन्न हुआ।

इस रूप में, भगवान शिव और गौरी का विवाह हुआ, और वे हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण देवी-देवता बन गए। इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि प्रेम और विश्वास से हर सम्भाव कठिनाई को आसानी से पार किया जा सकता है। भगवान शिव और गौरी का यह प्यार दुनियाभर में भक्तों के द्वारा महादेव की पूजा-अर्चना का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

पिछला लेख
अगला लेख

फ्रेश चुटकुले

चुटकुले

आपके लिए खास

छोटी बाते

छोटी छोटी बातेमन में रखने से,मजबूत रिश्ते भीकमजोर हो जाते है।शुकदेव और जनक कुमार की आत्मा की खोजएक समय की बात है, जब भारत के एक गांव में शुकदेव नामक युवक ने अपने जीवन को आध्यात्मिक खोज में समर्पित कर दिया। उसने समय के साथ ब्रह्मचर्य धारण की और अपने गुरु के पास जाकर...

अपनी क़ाबलियत

हर जगह अपनी क़ाबलियत नहीं दिखाई जाती, कुत्तों की दौड़ में चीते नहीं दौड़ा करते।सपने का सफर - एक छोटी सी लड़की की कहानीगाँव की एक छोटी सी लड़की नामक सिमा अपने सपनों की दुनिया में खोई रहती थी। उसका सपना था कि वह एक दिन अपने गाँव का गौरव बनेगी और शिक्षा के...

जिंदगी छोटी नहीं

जिंदगी छोटी नहीं होती,दरअसल…हम जीना हीदेर से शुरू करते हैं,जब तक रास्ते समझ में आते हैं,तब तक लौटने का,वक़्त हो जाता है।लाल मोर : तेनालीराम की कहानीविजयनगर के राजा कृष्णदेव राय को अद्भुत व विलक्षण चीजें संग्रह करने का बहुत शौक था। हर दरबारी उन्हें खुश रखने के लिए ऐसी ही दुर्लभ वस्तुओं की...