संबंधित पोस्ट

सबसे लोकप्रिय

पेट पालना

दुनिया में अपना पेट पालना ही
लक्ष्य नहीं होना चाहिए,
क्यूँकि यह काम तो
कुत्ता भी कर लेता है,
आदमी को कोई
बड़ा काम करना चाहिए।


पेट पालना

यह कहानी है एक गांव के एक छोटे से लड़के की, जिसका नाम रमेश था। रमेश एक सरल और सहीमाने छात्र था, लेकिन उसका पेट बहुत बड़ा था, और वह बहुत ज्यादा खाता था।

गांव के लोग उसे ‘खानेवाला बच्चा’ कहते थे, क्योंकि वह खाने में इतना अच्छा था कि वह हमेशा पेट भर कर खाता रहता था। वह बड़ा ही मोटा और हेल्दी बच्चा बन गया था।

एक दिन, गांव में एक मेला आया, जिसमें खाने के साथ-साथ बड़े रंग-बिरंगे खिलौने भी बिक रहे थे। रमेश ने एक बड़े सुंदर घोड़े की खिलौने को देखकर खरीदने का फैसला किया। वह अपने माता-पिता से पैसे मांगने लगा, लेकिन उन्होंने उसे कहा, “बेटा, हम तुम्हारे लिए खिलौने की बजाय अच्छे आहार का पेट पालना प्राथमिक मानते हैं।”

रमेश ने पहले कुछ इंकार किया, लेकिन फिर उसने समझ लिया कि उसके माता-पिता सही कह रहे थे। वह अपने घोड़े की खिलौने की बजाय अच्छे आहार का पेट पालने के लिए पैसे मांगने का निर्णय लिया।

वह गांव के खानेवाला बच्चा नहीं रहा, बल्कि उसने अपने स्वास्थ्य की देखभाल की और सही तरीके से आहार लिया। वह एक स्वस्थ और मेहनती छात्र बन गया, और उसने अच्छे शिक्षा प्राप्त की।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सही आहार का पेट पालना हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है। हमें स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार का पालन करना चाहिए और खिलौनों की बजाय सही दिशा में प्राथमिकता देनी चाहिए।

फ्रेश चुटकुले

चुटकुले

आपके लिए खास

लौटते वो है

लौटते वो है जो रूठकर चले जाते है, टूटकर जाने वाले, लौटा नहीं करते…मुल्ला नसरुद्दीन का भाषण - हिंदी कहानीमुल्ला नसरुद्दीन अपनी चतुराई और हाजिर जवाबी के लिए हमेशा चर्चा में रहते थे। एक दिन उन्हें शहरवासियों ने भाषण देने के लिए आमंत्रित किया। मुल्ला नसरुद्दीन जब मंच पर आए, तो सभी की नजर...

जिंदगी की हकीकत

जिंदगी की हकीकत बस इतनी सी है कि, इंसान पल भर में याद बन जाता है…हरा घोडा - हिंदी कहानीएक शाम राजा अकबर अपने प्रिय बीरबल के साथ अपने शाही बगीचे की सैर के लिए निकले। वह बगीचा बहुत ही शानदार था। चारों ओर हरियाली ही हरियाली थी और फूलों की भीनी भीनी...

तीन बेहतरीन सलाह

तीन बेहतरीन सलाह-1. सोचो मत, शुरुआत करो2. वादा मत करो, साबित करो3. बताओ मत, करके दिखाओआधा इनाम - हिंदी कहानीयह बात तब की है जब शहंशाह अकबर और बीरबल की पहली मुलाकात हुई थी। उस समय सभी बीरबल को महेश दास के नाम से जानते थे। एक दिन शहंशाह अकबर बाजार में महेश दास...