back to top
होमप्रेरणादुनिया हुनर से नहीं, दिखावे से चलती है




संबंधित पोस्ट

विशेष कलाकार

रबीन्द्रनाथ टैगोर

कवि

रबीन्द्रनाथ टैगोर (७ मई, १८६१ – ७ अगस्त, १९४१) - विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बांङ्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।

दुनिया हुनर से नहीं, दिखावे से चलती है

आज की दुनिया में यह बात कड़वी सच्चाई बन चुकी है कि हुनर से ज़्यादा दिखावे को महत्व दिया जाता है। जो व्यक्ति अपनी बातों, पहनावे और प्रस्तुति से लोगों को प्रभावित कर लेता है, वही अक्सर आगे बढ़ जाता है।

वहीं दूसरी ओर, वास्तविक प्रतिभा रखने वाले लोग कई बार पीछे रह जाते हैं क्योंकि वे खुद को प्रचारित नहीं कर पाते। उनका ध्यान काम की गुणवत्ता पर होता है, न कि उसके प्रदर्शन पर।

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस प्रवृत्ति को और तेज़ कर दिया है। आज योग्यता से अधिक ध्यान इस बात पर दिया जाता है कि कोई व्यक्ति खुद को कैसे पेश करता है और कितनी आकर्षक छवि बनाता है।

दिखावा तुरंत प्रभाव डालता है, लेकिन उसका असर अक्सर अल्पकालिक होता है। इसके विपरीत, सच्चा हुनर समय लेता है, पर उसका प्रभाव गहरा और स्थायी होता है।

यही कारण है कि बहुत से काबिल लोग देर से पहचान पाते हैं, जबकि कुछ लोग केवल बाहरी चमक के बल पर जल्दी आगे निकल जाते हैं। यह असंतुलन समाज की सोच को भी प्रभावित करता है।


दिखावे की यह संस्कृति अचानक नहीं बनी, बल्कि समय के साथ समाज की प्राथमिकताओं में आए बदलाव का परिणाम है। तेज़ रफ्तार जीवन में लोग गहराई से समझने के बजाय तुरंत प्रभावित होने वाली चीज़ों को चुनने लगे हैं।

आज सफलता का आकलन अक्सर वास्तविक योगदान से नहीं, बल्कि बाहरी छवि से किया जाता है। जो व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ खुद को प्रस्तुत करता है, उसकी बातों को अधिक गंभीरता से लिया जाता है, भले ही उसके पीछे ठोस कौशल न हो।

मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म ने इस सोच को और मजबूत किया है। यहां प्रतिभा से अधिक ट्रेंड, लाइक और दिखने वाली लोकप्रियता को महत्व दिया जाता है, जिससे दिखावा सामाजिक मानक बनता चला जाता है।

इस माहौल में सच्चे हुनरमंद लोग अक्सर हतोत्साहित हो जाते हैं। वे यह सोचने लगते हैं कि केवल मेहनत और कौशल पर्याप्त नहीं है, जब तक उसे सही ढंग से प्रदर्शित न किया जाए।

धीरे-धीरे यह स्थिति समाज में असंतुलन पैदा करती है, जहां मूल्य और प्रदर्शन के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है। परिणामस्वरूप, वास्तविक गुणवत्ता को पहचानने की क्षमता कमजोर पड़ने लगती है।


इस वास्तविकता को समझना आवश्यक है कि दिखावा और हुनर एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि सही संतुलन में हों तो प्रभावी बन सकते हैं। समस्या तब उत्पन्न होती है जब केवल बाहरी प्रस्तुति को ही सफलता का पैमाना मान लिया जाता है।

समझदार व्यक्ति वही होता है जो अपने हुनर को निखारने के साथ-साथ उसे सही मंच और सही तरीके से प्रस्तुत करना भी सीख लेता है। ऐसा करने से उसकी योग्यता खोती नहीं, बल्कि सही लोगों तक पहुँच पाती है।

समाज को भी यह समझ विकसित करनी होगी कि तात्कालिक प्रभाव से अधिक दीर्घकालिक मूल्य महत्वपूर्ण होते हैं। जब हम गुणवत्ता, ईमानदारी और गहराई को महत्व देंगे, तब दिखावे की संस्कृति अपने आप कमजोर पड़ने लगेगी।

अंततः स्थायी सम्मान और वास्तविक सफलता उन्हीं को मिलती है जिनका हुनर समय की कसौटी पर खरा उतरता है। दिखावा क्षणिक चमक देता है, लेकिन सच्ची पहचान अंततः योग्यता से ही बनती है।


नवीनतम पोस्ट



नशा मेहनत का

नशा मेहनत का करो ताकि आपको बिमारी भी, सफलता वाली लगें…अकबर का तोता - हिंदी कहानीबहुत समय पहले की बात है। एक बार अकबर बाजार में भ्रमण पर निकले थे। वहां उन्होंने एक तोता देखा, जो बहुत ही प्यारा था। उसके मालिक ने उसे बहुत अच्छी बातें सिखाई थीं। अकबर यही देखकर खुश हो...

उम्र गुजर रही है

उम्र गुजर रही है तराजू के पलड़ों में, कभी रिश्ते भारी हो रहे है तो कभी अरमान…कुएं का पानी - हिंदी कहानीएक किसान बहुत परेशान था। उसे अपने खेतों को सींचने के लिए पानी की जरूरत थी। इसलिए, वह कई दिनों से अपनी जमीन के आसपास किसी कुएं की तलाश कर रहा था। इसी...

तुम्हारे बदलने से

तुम्हारे बदलने सेमेरे संभलने तक का ये सफर,मुझे बेहतर सेबेहतरीन कर गया…सोने का खेत - हिंदी कहानीअकबर के महल में कई कीमती सजावट की...

🔥 हम कोई काम अधूरा नहीं छोड़ते

सफल वही होते हैं जो शुरू करने से पहले ही तय कर लेते हैं कि बीच में रुकना नहीं है। अधूरे काम सपनों को पूरा नहीं होने देते। जो लोग अंत तक डटे रहते हैं, वही हर बाधा पार कर अपनी सफलता की कहानी खुद लिखते हैं…

जाने देना भी प्रेम है

जाने देना भी, प्रेम है, लौटे हुए को, शामिल करना भी, प्रेम है...विश्वासघात - हिंदी कहानीसालों पहले लखनपुर नाम के राज्य में भीमा नाम...

आपके रास्ते में

लोग आपके, रास्ते में गड्ढे खोदे तो परेशान मत होनाक्योकि,ये वही लोग है जो आपकोछलांग लगाना सिखाएंगे…कौवा और कोयल - हिंदी कहानीसालों पहले चाँदनगर...

परछाईयाँ

अगर परछाईयाँ कद से और बातें औकात से बड़ी होने लगे, तो समझ लीजिये की सूरज डूबने ही वाला है…उपदेश से करनी भली...

मेरा समय

मेरा समय अभी नहीं आया है, कुछ लोग, मरने के बाद पैदा होते है…बुद्धिमान राजा - हिंदी कहानीसालों पहले एक नगर में एक बुद्धिमान...

मायने खो देते है

मायने खो देते है वो जवाब, जो वक़्त पर नहीं मिलते…राजा और पंडित - हिंदी कहानीएक समय की बात है, गौंतूर नाम के एक...

ना हो संघर्ष

ना हो संघर्ष, ना हो तकलीफ तो खाक मजा है जीने में, बड़े - बड़े तूफान भी, थम जाते है, जब आग लगी हो...

प्यार का भरोसा

प्यार का, भरोसा होना चाहिए शक तो, पूरी दुनिया करती है…मूर्ख लोगों की सूची - हिंदी कहानीएक वक्त की बात है, बादशाह अकबर...

रास्ता खोज लो

या तो…रास्ता,खोज लोया बना लो…मुर्गी पहले आई या अंडा - हिंदी कहानीएक दिन की बात है, बादशाह अकबर की राजसभा में एक ज्ञानी पंडित...

आपका लक्ष्य

आपका कोई भी लक्ष्य दुसरे इंसानों के लक्ष्य से बेहतर नही बल्कि आप ही के, पिछले लक्ष्य से बेहतर होना चाहिये…अपराधी बकरी -...

जीवन का उद्देश्य

जीवन काउद्देश्य है कि,उद्देश्य भराजीवन हो…कौवों की गिनती - हिंदी कहानीबीरबल की चतुराई से बादशाह अकबर और सभी दरबार परिचित थे। फिर भी अकबर,...

निभा रही है

निभा रही है वो मुहबत, कभी इधर तो कभी उधर…रोटी क्या है - हिंदी कहानीएक बार मुल्ला नसरुद्दीन पर मुकदमा चला कि वह राज्य...

जिंदगी की बात

जिंदगी नेएक बात तो सीखा दीकोई साथतभी देता है,जब वो खुदअकेला होता है…सबसे बड़ा मनहूस कौन - हिंदी कहानीएक बार की बात है, बादशाह...

✨भगवान शिव का प्राचीन मंत्र

भगवान शिव का यह प्राचीन मंत्र मन, शरीर और आत्मा को दिव्य ऊर्जा देता है। यह भक्ति, ध्यान और आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करता है, जिससे भीतर शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। हर हर महादेव…

तरक्कियों की दौड़

तरक्कियों की दौड़ मे उसी का जोर चल गया, बना के रास्ता जो, भीड़ से निकल गया...दो बीवियां - हिंदी कहानीमुल्ला नसरुद्दीन बहुत ही...

मंजिलो की अकड़

अकड़ तोड़नी है उन मंजिलो की जिनको अपनी उच्चाई पर गरूर है…स्वर्ग की यात्रा - हिंदी कहानीएक बार की बात है, राजा अकबर...

❤️ हकीकत में हकीकत है

हक़ीक़त यही है कि जब कोई दिल में उतर जाए तो हर धड़कन उसी का नाम लेती है। सच्ची मोहब्बत जतानी नहीं पड़ती, वह महसूस होती है। नज़रों की ख़ामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है और एहसास ही सबसे बड़ा सुकून बन जाता है…


error: Content is protected !!