
दिन में आग, रात में बर्फ – रेगिस्तान का रहस्य
रेगिस्तान का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में तपती रेत, जलता सूरज और असहनीय गर्मी की तस्वीर उभरती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही रेगिस्तान रात होते ही कड़ाके की ठंड में बदल जाता है। कुछ रेगिस्तानों में रात का तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे चला जाता है।
यह विरोधाभास जितना चौंकाने वाला है, उतना ही वैज्ञानिक भी। सवाल यह नहीं कि रेगिस्तान ठंडा होता है, बल्कि यह है कि इतनी तेजी से ठंडा क्यों हो जाता है?
इस लेख में हम तापमान, रेत, ऊष्मा, वायुमंडल और पृथ्वी के ऊर्जा संतुलन को समझते हुए इस रहस्य की परतें खोलेंगे।
रेगिस्तान में दिन इतना गर्म क्यों होता है?
रेगिस्तान दिन में अत्यधिक गर्म होता है क्योंकि वहाँ सूर्य की किरणें सीधे जमीन पर पड़ती हैं। बादल लगभग नहीं होते, इसलिए सूर्य की ऊर्जा बिना किसी रुकावट के सतह तक पहुँचती है।
रेत और चट्टानें ऊष्मा को तेजी से अवशोषित करती हैं। इसे वैज्ञानिक भाषा में High Heat Absorption कहा जाता है।
दिन में रेगिस्तान की जमीन एक विशाल हीटर की तरह काम करती है।
रेत की भूमिका: गर्मी पकड़ना आसान, रोकना मुश्किल
रेत की एक खास विशेषता होती है—यह गर्मी जल्दी पकड़ लेती है, लेकिन उसे संजोकर नहीं रख पाती। रेत के कण ढीले होते हैं और उनके बीच हवा भरी होती है।
इसी कारण रेत दिन में तेजी से गर्म होती है और रात में उतनी ही तेजी से ठंडी।
इसके विपरीत, मिट्टी या पानी ऊष्मा को लंबे समय तक बनाए रखते हैं।
रात में अचानक ठंड क्यों बढ़ जाती है?
जैसे ही सूरज ढलता है, रेगिस्तान की सतह सूर्य से ऊर्जा लेना बंद कर देती है। लेकिन ऊर्जा छोड़ना बंद नहीं करती।
रेगिस्तान रात में Radiation Cooling के कारण तेजी से अपनी गर्मी अंतरिक्ष में छोड़ देता है।
क्योंकि बादल नहीं होते, यह ऊष्मा वापस परावर्तित नहीं होती और सीधे अंतरिक्ष में चली जाती है।
नमी की कमी: ठंड बढ़ाने वाला सबसे बड़ा कारण
रेगिस्तान में हवा लगभग शुष्क होती है। नमी की कमी का मतलब है कि वातावरण में कोई ऐसी परत नहीं जो गर्मी को रोक सके।
नमी और जलवाष्प गर्मी को फँसाने का काम करते हैं। रेगिस्तान में यह परत मौजूद नहीं होती।
इसीलिए रात का तापमान तेजी से गिरता है।
क्यों पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाके सबसे ठंडे होते हैं?
रेगिस्तान अक्सर ऊँचाई पर स्थित होते हैं। ऊँचाई पर हवा पतली होती है, जिससे ऊष्मा संरक्षण और भी कमजोर हो जाता है।
इसी कारण सहारा, गोबी और थार जैसे रेगिस्तान रात में बेहद ठंडे हो जाते हैं।
मिथक बनाम विज्ञान
मिथक: रेगिस्तान हमेशा गर्म होता है। विज्ञान: रेगिस्तान तापमान का सबसे चरम उदाहरण है।
मिथक: ठंड केवल बर्फीले इलाकों में होती है। विज्ञान: ठंड का संबंध ऊष्मा संरक्षण से है, स्थान से नहीं।
निष्कर्ष: रेगिस्तान हमें क्या सिखाता है?
रेगिस्तान हमें सिखाता है कि प्रकृति संतुलन पर काम करती है। जहाँ दिन अत्यधिक गर्म है, वहाँ रात उतनी ही ठंडी।
यह पृथ्वी की ऊर्जा प्रणाली का अद्भुत उदाहरण है।
