संबंधित पोस्ट

सबसे लोकप्रिय

साहस

करके दुगुना हौंसला,
मंज़िल को ही साध,
वापस आधे सफ़र से,
होना है अपराध !!


सिर्फ एक कदम और

गाँव का एक छोटा-सा लड़का नामक वीर, बहुत ही सामान्य जीवन जी रहा था। उसका सपना था कि वह अपने छोटे से गाँव को बड़े सपनों से भर दे। एक दिन, गाँव में एक बड़ा मेला आया जिसमें एक साहसिक प्रतियोगिता भी आयोजित हो रही थी।

प्रतियोगिता में भाग लेने का इरादा करते हुए वीर ने देखा कि सबसे बड़ा साहसी परीक्षण उसके सामने है। इस परीक्षण में प्रतिभागी को एक ऊँची पहाड़ी को देखकर पार करना था, जो गाँव के पास थी। यह कठिन परीक्षण हर किसी को डरा सकता था, लेकिन वीर ने अपने सपनों की ओर बढ़ने का फैसला किया।

पहाड़ी की ओर बढ़ते हुए, वीर ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया। रात भर की ठंडक, जंगली आवाज़ें, और मुश्किल से लड़ी जा रही संघर्षों के बावजूद, उसने कभी हार नहीं मानी। आखिरकार, वह पहाड़ी के शीर्ष पर पहुंचा और वहां से उसने अपने गाँव को देखा।

प्रतियोगिता के समापन पर, लोग वीर की साहसपूर्ण कहानी सुनकर हैरान रह गए। उन्होंने न सिर्फ पहाड़ी को पार किया बल्कि अपने सपनों को भी पूरा किया।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि जिंदगी में सफलता प्राप्त करने के लिए हमें कभी भी साहसी रहना चाहिए। छोटे-मोटे कदमों से ही हम बड़ी ऊँचाईयों को छू सकते हैं। “सिर्फ एक कदम और” ने वीर को उसके सपनों तक पहुंचाया और उसे एक सच्चे साहसी बना दिया।

फ्रेश चुटकुले

चुटकुले

आपके लिए खास

हमारी खुशी ने

लोगो को खुशरखते रखतेहमारी खुशी ने,खुदखुशी कर ली…कौवा और कोयल - हिंदी कहानीसालों पहले चाँदनगर के पास एक जंगल था। वहाँ एक बड़ा-सा बरगद का पेड़ था, जिसपर एक कौवा और एक कोयल दोनों अपने-अपने घोंसले में रहते थे। एक रात उस जंगल में तेज़ आँधी चलने लगी। देखते-ही-देखते बारिश शुरू हो गई। कुछ...

मंजिलो की अकड़

अकड़ तोड़नी है उन मंजिलो की जिनको अपनी उच्चाई पर गरूर है…स्वर्ग की यात्रा - हिंदी कहानीएक बार की बात है, राजा अकबर अपने दरबार में बैठकर कुछ विचार कर रहे थे। तभी अचानक उन्हें ख्याल आया कि उनकी दाढ़ी और बाल काफी बढ़ गए हैं। इस ख्याल के आते ही उन्होंने अपने...

जो कहे, मेरा दुःख

जो कहे, मेरा दुःख तुम्हारे दुःख से बड़ा है, उससे कभी प्रेम मत करो, उस पर, तरस खाओ…मूर्ख राजा और चतुर मंत्री - हिंदी कहानीकई सालों पहले नदी के किनारे पर एक दियत्स नामक नगरी हुआ करती थी। इस नगरी में शासन करने वाला राजा बहुत ही मुर्ख था। वहीं, राजा का मंत्री बहुत...