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होमजीवन

अर्थ

जो अर्थ ही न समझे,उन पर शब्द क्या जाया करना।दानों की महिमा: एक किसान की कहानीकिसी गांव में एक किसान रहता था जिसका नाम...

डंक

शहद जैसे मीठे लोग ही,मधुमक्खी जैसे डंक मारते है।आलसी किसान की कहानीएक गाँव में एक किसान रहता था जिसका नाम रामु था। रामु एक...

दोबारा मौका

जब जिंदगी तुम्हें दोबारा मौका दे,तो पुरानी गलतियों को दोहराए नहीं।साहसी दोस्तों की कहानीकिसी प्राचीन गाँव में दो दोस्त रामु और श्यामु रहते थे।...

कामयाबी की सुबह

कामयाबी सुबह के जैसी होती है,मांगने पर नहीं…जागने पर मिलती है।कहानी - दोस्ती की महत्वपूर्ण पाठशालाएक समय की बात है, गाँव में रामु और...

जो सीधे है

जीवन भी कितना अजीब हैजो टेढ़े है,उन्हे छोड़ दिया जाता है,जो सीधे है,उन्हें ठोक दिया जाता है।कहानी - धैर्य और मेहनत की महत्वएक छोटे...

चिंता को छोड़ दो

एक बार की बात है। किसी शहर में एक प्रोफेसर साहब अपने 25 साल के बेटे के साथ रहते थे। वह अपने बेटे की हमेशा कनफ्यूज्ड रहेने की आदत से बेहद परेशान थे।उनका बेटा कभी भी सही समय पर कोई काम नहीं करता, कोई निर्णय नहीं ले पाता, इस वजह से कई बार उसकी नौकरी छूटती। लेकिन उसे यह बात समझ ही नहीं...

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