
SSC CHSL क्या है?
SSC CHSL का पूरा नाम स्टाफ सिलेक्शन कमीशन कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल परीक्षा है।
यह 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है।
इस परीक्षा के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में भर्ती की जाती है।
यह देश की सबसे लोकप्रिय 12वीं स्तर की सरकारी परीक्षाओं में से एक है।
न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता
SSC CHSL के लिए उम्मीदवार का 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
मान्यता प्राप्त बोर्ड से Higher Secondary या समकक्ष परीक्षा पास होना आवश्यक है।
कुछ पदों जैसे DEO के लिए गणित विषय आवश्यक हो सकता है।
विस्तृत पात्रता आधिकारिक अधिसूचना में दी जाती है।
आयु सीमा
सामान्यतः आयु सीमा 18 से 27 वर्ष होती है।
आयु की गणना अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि के अनुसार की जाती है।
आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाती है।
सटीक आयु सीमा प्रत्येक वर्ष की अधिसूचना में स्पष्ट की जाती है।
कौन-कौन से पद शामिल हैं?
इस परीक्षा के अंतर्गत लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) पद शामिल है।
जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट (JSA) पद भी इसी के अंतर्गत आता है।
डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) पद तकनीकी दक्षता की मांग करता है।
कुछ विभागों में पोस्टिंग मंत्रालय के अनुसार भिन्न हो सकती है।
परीक्षा संरचना
SSC CHSL वर्तमान में दो मुख्य चरणों में आयोजित होती है।
Tier-I कंप्यूटर आधारित वस्तुनिष्ठ परीक्षा है।
Tier-II में वर्णनात्मक या कौशल आधारित मूल्यांकन शामिल हो सकता है।
अंतिम चयन मेरिट और कौशल परीक्षण के आधार पर किया जाता है।

Tier-I परीक्षा का स्वरूप
Tier-I एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) होती है।
यह वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) की बहुविकल्पीय परीक्षा है।
नवीनतम पैटर्न के अनुसार इसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं।
परीक्षा कुल 200 अंकों की होती है।
प्रश्न वितरण और अंक विभाजन
चार मुख्य खंड शामिल होते हैं।
सामान्य बुद्धिमत्ता एवं तर्कशक्ति — 25 प्रश्न।
सामान्य जागरूकता — 25 प्रश्न।
गणितीय अभिक्षमता — 25 प्रश्न।
अंग्रेज़ी भाषा — 25 प्रश्न।
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होता है।
इस प्रकार प्रत्येक खंड 50 अंकों का होता है।
परीक्षा अवधि
परीक्षा की कुल अवधि 60 मिनट होती है।
दिव्यांग उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय प्रदान किया जाता है।
समय प्रबंधन इस चरण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
औसतन प्रति प्रश्न लगभग 36 सेकंड उपलब्ध होते हैं।
नकारात्मक अंकन
प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.50 अंक की कटौती की जाती है।
अनुमान आधारित उत्तर देने से कुल स्कोर प्रभावित हो सकता है।
सटीकता बनाए रखना सफलता की कुंजी है।
रणनीतिक प्रश्न चयन अत्यंत आवश्यक है।
विषयवार सिलेबस (संक्षिप्त रूप में)
तर्कशक्ति में श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, वर्गीकरण और पज़ल शामिल हैं।
गणित में प्रतिशत, अनुपात, लाभ-हानि, समय-दूरी, साधारण ब्याज और ज्यामिति शामिल हैं।
सामान्य ज्ञान में इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था और विज्ञान के मूल प्रश्न शामिल होते हैं।
अंग्रेज़ी में व्याकरण, शब्दावली, वाक्य सुधार और पठन समझ पूछी जाती है।
क्या Tier-I क्वालिफाइंग है?
हाल के पैटर्न में Tier-I स्क्रीनिंग चरण के रूप में कार्य करता है।
यह अगले चरण के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करता है।
कट-ऑफ अंक प्रतिस्पर्धा के अनुसार तय किए जाते हैं।
इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

Tier-II का स्वरूप
SSC CHSL में संशोधित पैटर्न के अनुसार Tier-II भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा है।
यह वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा होती है।
इस चरण में प्रश्नों का स्तर Tier-I से थोड़ा अधिक विश्लेषणात्मक हो सकता है।
यह चरण अंतिम मेरिट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Tier-II में शामिल विषय
गणितीय क्षमताएँ उन्नत स्तर पर पूछी जाती हैं।
तर्कशक्ति और सामान्य बुद्धिमत्ता का विश्लेषणात्मक भाग शामिल होता है।
अंग्रेज़ी भाषा का स्तर भी अपेक्षाकृत गहन होता है।
सामान्य जागरूकता से संबंधित प्रश्न भी शामिल हो सकते हैं।
Skill Test और Typing Test
कुछ पदों के लिए Skill Test अनिवार्य होता है।
Data Entry Operator पद हेतु डेटा एंट्री गति परीक्षण लिया जाता है।
Lower Division Clerk और JSA के लिए टाइपिंग टेस्ट आवश्यक होता है।
टाइपिंग गति अंग्रेज़ी या हिंदी माध्यम में निर्धारित शब्द प्रति मिनट के आधार पर मापी जाती है।
क्या Skill Test मेरिट में जुड़ता है?
Skill Test सामान्यतः क्वालिफाइंग प्रकृति का होता है।
अर्थात इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जोड़े जाते।
लेकिन इसे पास करना अनिवार्य होता है।
असफल होने पर चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती।
नकारात्मक अंकन और अंक गणना
Tier-II में भी नकारात्मक अंकन लागू होता है।
गलत उत्तरों पर निर्धारित अंकों की कटौती की जाती है।
अंतिम मेरिट सूची मुख्यतः लिखित परीक्षा के अंकों पर आधारित होती है।
कट-ऑफ श्रेणीवार और पदवार निर्धारित होती है।
अंतिम चयन प्रक्रिया
Tier-I और Tier-II में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
Skill Test या Typing Test पास करना अनिवार्य है।
अंतिम चरण में दस्तावेज सत्यापन किया जाता है।
इसके पश्चात नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होती है।

तैयारी कब शुरू करें?
SSC CHSL 2026 के लिए कम से कम 4 से 6 माह की योजनाबद्ध तैयारी उपयुक्त मानी जाती है।
यदि गणित और अंग्रेज़ी में आधार कमजोर है, तो 8 माह की तैयारी अधिक सुरक्षित हो सकती है।
12वीं स्तर की अवधारणाएँ स्पष्ट होना आवश्यक है।
नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
6 माह की तैयारी रूपरेखा
पहले 2 माह — गणित और तर्क की मूल अवधारणाएँ मजबूत करें।
अगले 2 माह — विषयवार अभ्यास और सेक्शनल मॉक टेस्ट दें।
अंतिम 2 माह — पूर्ण लंबाई के मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन अभ्यास।
हर मॉक टेस्ट के बाद त्रुटि विश्लेषण अनिवार्य है।
Skill Test की तैयारी कैसे करें?
DEO पद के लिए नियमित डेटा एंट्री अभ्यास करें।
LDC और JSA के लिए टाइपिंग गति पर विशेष ध्यान दें।
दैनिक 20–30 मिनट टाइपिंग अभ्यास लाभदायक होता है।
सटीकता और गति दोनों महत्वपूर्ण हैं।
आधिकारिक सिलेबस और अधिसूचना कहाँ देखें?
उम्मीदवारों को केवल आधिकारिक SSC वेबसाइट से ही जानकारी लेनी चाहिए।
SSC CHSL की नवीनतम अधिसूचना और परीक्षा पैटर्न देखने के लिए देखें:
👉 https://ssc.gov.in/for-candidates/chsl-exam/
विस्तृत सिलेबस PDF के लिए SSC का आधिकारिक सिलेबस पृष्ठ देखें:
👉 https://ssc.nic.in/Portal/Syllabus
2026 की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर सटीक विवरण वहीं उपलब्ध होगा।
अंतिम निष्कर्ष
SSC CHSL 2026 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।
Tier-I में मजबूत आधार और Tier-II में रणनीतिक प्रदर्शन आवश्यक है।
Skill Test को हल्के में न लें, क्योंकि यह अनिवार्य चरण है।
आधिकारिक स्रोतों से अपडेटेड जानकारी प्राप्त करना सफलता की दिशा में पहला कदम है।


