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विशेष कलाकार

रबीन्द्रनाथ टैगोर

कवि

रबीन्द्रनाथ टैगोर (७ मई, १८६१ – ७ अगस्त, १९४१) - विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बांङ्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।

❤️ तुम ही हो जिस पर दिल मरता है

❤️ तुम ही हो जिस पर दिल मरता है… ✨
कभी-कभी कोई ऐसा मिल जाता है, जिसकी एक मुस्कान से दिन भी बदल जाता है और दिल भी…
जिससे मिलने का मन बार-बार करे — वही हमारी सच्ची खुशी बन जाता है।

“तुम ही हो जिस पर दिल मरता है” यह लाइन असल में फ़िल्म Phool Aur Kaante (1991) के मशहूर गाने “तुमसे मिलने को दिल करता है” का हिस्सा है, जो अजय देवगन और मधु पर फिल्माया गया है। इसे कुमार सानू और अलका याग्निक ने गाया है, जिसमें अनु मलिक का संगीत और समीर के बोल हैं।

💕 ये वीडियो आपके लिए है अगर:

  • आप किसी खास को याद कर रहे हैं
  • दिल में प्यार है पर कह नहीं पा रहे
  • किसी की याद से दिन सुंदर बन जाता है

✨ प्यार बाँटिए, खुशियाँ फैलाइए और पॉजिटिविटी बनाए रखिए 💫

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फ्रेश चुटकुले



🔥बदतमीज़ आदमी से बहस मत करना

समझदारी की पहचान यही है कि इंसान हर बात पर बहस नहीं करता। शांति और संयम से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। हर लड़ाई लड़ना ज़रूरी नहीं—कभी-कभी छोड़ देना ही असली ताकत और आत्मसम्मान की निशानी होता है…

मैं समझौता नहीं कर सकता

आत्म-सम्मान जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। जो अपने फैसलों पर डटे रहते हैं और समझौता नहीं करते, किस्मत भी उनकी मेहनत के आगे झुक जाती है। प्रेरणा, साहस और सकारात्मक सोच ही असली सफलता का आधार बनते हैं…


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