back to top

संबंधित पोस्ट

विशेष कलाकार

रबीन्द्रनाथ टैगोर

कवि

रबीन्द्रनाथ टैगोर (७ मई, १८६१ – ७ अगस्त, १९४१) - विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बांङ्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।

डाली क्यों तोड़ लाए

पापा – चिंटू, तुम्हें सिर्फ फूल तोड़ने के लिए कहा था। अब तुम साथ में डाली क्यों तोड़ लाए हो?
चिंटू – पापा, वहां लिखा था फूल तोड़ना मना है, इसलिए मैंने डाली तोड़ ली।
😂🤣😂


ये भी चुटकुले पढ़े –

अगला लेख
पिछला लेख

फ्रेश चुटकुले



मेरा सिर ऊंचा

पापा – चिंटू, आज तक तुमने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे मेरा सिर ऊंचा हुआ हो। चिंटू – याद करो, एक बार मैंने आपके सिर के नीचे दो तकिये लगाए थे…! 😂😝😂

😂 सास-बहू और ‘सूरज’ का मामला! 😜🌞

सास – कैसी बहू है, सुबह इतनी देर से उठती है। उठ जा बहू, ‘सूरज’ भी कब का निकल आया है। बहू – चिल मां जी, ‘सूरज’ सोता भी तो मुझसे पहले है!!! 😜😂


error: Content is protected !!